Fatehabad: सीएम मनोहर लाल (cm manohar lal) ने कहा कि शासनकर्ता का धर्म होता है कि वह अपने पूरे प्रदेश को अपना परिवार माने लेकिन प्रदेश के कुछ नासमझ लोग कटाक्ष करते हैं कि मनोहर लाल को क्या पता, इसका कौन-सा परिवार है लेकिन मैं ऐसे लोगों को बताना चाहता है कि हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोग मेरे परिवार के सदस्य है। मैं इनके हर सुख-दुख में शामिल रहता हूं। प्रदेश के हर व्यक्ति का हिसाब मेरे पास है और इनके सबके जन्मदिन पर मैं अपने बधाई संदेश भिजवाता हूं।
सीएम मनोहर लाल सोमवार को फतेहाबाद में आयोजित राज्यस्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान लोगों को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक की सरकारें सिर्फ 15 अगस्त को ही जश्न मनाती थी, विभाजन की विभीषिका झेलने वालों, अपनी कुर्बानियां देने वालों को याद नहीं किया जाता था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi) ने इन बलिदानियों को याद करते हुए लाल किले से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि हम जिस आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं उसके लिए लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी लेकिन दूसरा यह भी कटु सत्य है कि हमें आजादी की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी।
उन्होंने कहा कि आजादी से एक दिन पहले देश का विभाजन हुआ, या यूं कहे कि भारत माता के अंगों को काट दिया गया। यह पीड़ा 14 अगस्त की रात को हमने सही। इस पीड़ा को आज याद करना बहुत जरूरी है। सीएम ने कहा कि इस देश की आजादी को कोई ओर खंडित न करे, एक इंच जगह देश से अलग न हो, आज हमें यह संकल्प लेना होगा।
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पंचनद स्मारक ट्रस्ट बनाने का संकल्प जरूर पूरा होगा
विभाजन के दौरान के समय को याद करते हुए सीएम ने कहा कि जब विभाजन हुआ तो लाखों लोग वहां से अपना घर छोडक़र भारत माता की गोद में आने को तैयार हुए। बहुत लोगों ने उस मंजर को देखा। वहां से गाडिय़ां चली लेकिन रास्ते में उनकी गर्दनें काट दी गई। सीएम ने कहा कि पंचनद स्मारक ट्रस्ट ने इस आवाज को पिछले 15 सालों से उठाया हुआ है और अब यह संकल्प जरूर पूरा होगा। कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठे 11 अतिथियों ने 51-51 लाख स्मारक के लिए भिजवाने की घोषणा की तो सीएम ने अपनी ओर से भी साढ़े 5 करोड़ का योगदान देने का ऐलान किया। इस अवसर पर सीएम द्वारा फतेहाबाद की शिवपुरी को भी 21 लाख देने की घोषणा की गई।
अपने परिवार के संघर्ष को किया याद
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के दौरान सीएम मनोहर लाल ने अपने परिवार द्वारा विभाजन के दौरान किए गए संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मेरा परिवार भी उन्हीं सब परिवारों में था, जो वहां से चलकर आए थे। उनके शरीर पर केवल तीन कपड़े थे, ओर कुछ नहीं था। यहां आकर वे रोहतक जिले में बसे थे। यहां मजदूरी की, स्कूल की बिल्डिंग की चिनाई कर अपना जीवन शुरू किया। एक महीने बाद कुछ पैसा इकट्ठा करके महम में जाकर उनके दादा प्याज खरीदकर लाए। पहले उन्होंने फेरी लगाई, फिर दुकान बना ली। किरयाणा, कपड़ा रखकर दुकान पर बेचा। उस समय उनकी आयु केवल 6 साल की थी। आज भी उन्हें उनकी दादा, पिता द्वारा बताई गई विभाजन की सभी बातें याद हैं।
इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंचनद स्मारक ट्रस्ट के संरक्षक स्वामी धर्मदेव ने कहा कि सारा देश आज छोटे बड़े रूप में आज का दिन मन रहा है। सारे देश मे सबसे बड़ा प्रोग्राम फतेहाबाद में हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपना जीवन प्रदेश को समर्पित कर दिया है।