खूँटी। जिले के कर्रा प्रखण्ड के प्रखण्ड मुख्यालय और स्वास्थ्य केन्द्र के निकट पुराने गोदाम के बरामदे पर कई दिनों से बीमार चल रहा विक्षिप्त राजेंद्र आज अंतिम सांस ली। कई वर्षों से अर्द्धविक्षिप्ततावस्था में लोकल लोगों के साथ भाईचारगी हो गई थी। उसके व्यवहार और विचार सामान्य रहने के कारण लोग कुछ न कुछ दे ही देते थे। और दाल भात योजना चल रहे भवन के परिसर नहीं रात गुजारता था। विगत कई दिनों से वह बीमार सा रहने लगा लेकिन उसके इलाज नहीं होने के कारण स्थिति गंभीर होती गई। सरकारी अस्पताल नजदीक रहने के बावजूद भी वह इलाज के अभाव में बीमार ग्रस्त होता चला गया। अभिमान अवस्था के कारण खाना पीना भी 2 दिनों से बंद हो चुका था। और आज वह उसका शरीर से सांसे छोड़ दिया। जब वह मर गया तभी पुलिस प्रशासन जाकर शव को उठा कर पोस्टमार्टम कराया। लेकिन जीवित रहते हुए उसके लिए सहयोग पर हाथ लोगों का बढ़ गया होता या उसका सही इलाज हो गया होता तो शायद वह कुछ दिन और जीवित रह सकता था। जो नहीं हो सका और इस दुनिया को अलविदा कह गया।
© STDigital. Designed by Forever Infotech.





