योगी सरकार का पांच वर्षों में निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य

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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” नारे को अपना मूल मंत्र बनाकर काम करने वाली उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार निर्यात को बढ़ावा दे रही है। स्थानीय उत्पादों की मदद से अपने पहले कार्यकाल में योगी सरकार प्रदेश के निर्यात में करीब 41 फीसदी का इजाफा करने में सफल रही। इस कार्यकाल यानी अगले पांच साल में योगी सरकार ने निर्यात को सवा लाख करोड़ से बढ़ाकर तीन लाख करोड़ वार्षिक करने का लक्ष्य रखा है।।

इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार अगले 100 दिनों में आगरा, कानपुर और गोरखपुर में तीन फ्लैटेड फैक्टरी, अलीगढ़ में एक मिनी औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ संतकबीरनगर और चंदौली में जनसुविधा केंद्रों का शिलान्यास करने जा रही है। इसके अलावा फर्रुखाबाद और तालकटोरा (लखनऊ) में औद्योगिक बुनियादी ढांचे में सुधार कार्य भी शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की लागत 25 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर रही है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और निर्यात संवर्धन विभाग की ओर से सौ दिन, छह महीने, दो साल और पांच साल के लक्ष्य पर दिए गए प्रजेंटेशन में यह जानकारी दी गयी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभाग को निवेश और उत्पादन बढ़ाने, बड़े पैमाने पर युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने और बढ़ावा देने के लिए समयबद्ध तरीके से अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने का निर्देश दिया।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के निर्यात को सवा लाख करोड़ से बढ़ाकर अगले दो वर्षों में दो लाख करोड़ रुपये और पांच वर्षों में इसको लगभग दोगुना कर तीन लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। अन्य लक्ष्यों के अनुसार प्रदेश में छह एमएसएमई पार्क स्थापित करना, कानपुर में मेगा लेदर क्लस्टर स्थापित करना और बैंकों के सहयोग से एमएसएमई क्षेत्र को ऋण वितरण को बढ़ाकर पांच लाख करोड़ रुपये करना शामिल है। अनुमान है कि इससे पांच करोड़ रोजगार के सृजन का मार्ग प्रशस्त होगा।

उत्तर प्रदेश ने पिछले पांच वर्षों में अपने निर्यात में 41 प्रतिशत की वृद्धि देखी है, जो 2017-18 में 88 हजार 967 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 (जनवरी 2022 तक) में एक लाख 25 हजार 903.76 करोड़ हो गया है। इस साल के अंत तक डेढ़ लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

इस बीच, विभाग का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पांच लाख और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत 1.5 लाख कारीगरों को टूल किट वितरण और ऋण की सुविधा देना है। इसके अलावा, विभाग ने अगले पांच वर्षों में आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और ओडीओपी उत्पादों की बिक्री दोगुनी करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।