रांची: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ. एम. तौसीफ ने सरकार के उस निर्णय का स्वागत किया है, जिसमें राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खाली पदों एवं नए पदों पर नियुक्ति के लिए स्क्रीनिंग समिति के गठन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के बाद से अभी तक राज्य में असिस्टेंट प्रोफेसर एवं कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसकी वजह से राज्य के विश्वविद्यालयों के डिपार्टमेंट एवं कॉलेजों के विद्यार्थियों को पढ़ाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विश्वविद्यालयों में 13 साल तक अगर शिक्षक का अपॉइंटमेंट नहीं होता है तो समझ लेना चाहिए कि शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आ चुकी है क्योंकि स्टूडेंट की संख्या बढ़ती जाती है और टीचर रिटायर होते चले जाते हैं, ऐसे में शिक्षा में गिरावट लाजमी है
डॉ. तौसीफ ने आरोप लगाया है कि पिछली भाजपा सरकार को चाहिए था कि असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों एवं नए पदों को क्रिएट कर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति करते लेकिन रघुवर सरकार ने ऐसा नहीं किया शायद भाजपा सरकार को शिक्षा और शिक्षकों से इतनी नफरत थी कि उन्होंने इस पर विचार करना भी उचित नहीं समझा, जिसकी वजह से आज 13 सालों से असिस्टेंट प्रोफेसरों की पदें खाली हैं
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि 13 सालों में विद्यार्थियों की संख्या दुगनी से भी ज्यादा हो चुकी होती है। ऐसे में नए पद भी क्रिएट करना जरूरी हो जाता है ताकि विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए शिक्षकों का भी अपॉइंटमेंट हो और शिक्षा में गुणवत्ता बना रहे साथी ही साथ विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की भी नियुक्ति होनी चाहिए थी ना केवल खाली पदों पर नए पद भी क्रिएट होने चाहिए थे लेकिन पिछली सरकार ने ऐसा नहीं किया।
डॉ तौसीफ ने कहा है कि कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन की सरकार से राज्य की आवाम ने जो उम्मीदें लगाई हैं, उसी दिशा में सरकार अपना कार्य तेजी से कर रही है।
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