अवैध निर्माण बने MDA कर्मचारियों के लिए मुसीबत

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मेरठ: महानगर में अवैध निर्माण मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। एमडीए के कर्मचारियों से उनके क्षेत्र में हुए अवैध निर्माणों का ब्यौरा लिया जा रहा है। लिखित में लिया जा रहा है कि भविष्य में अवैध निर्माण मिलने पर वह खुद जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा मेरठ शहर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान जारी है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इसके बाद से ही प्रदेश के महानगरों में अवैध निर्माण और कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा शहर के सभी चार जोन में अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया जा रहा है।

बाबा का एक बार फिर अवैध निर्माण पर कार्रवाई

एमडीए उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी दीपक मीणा ने इंजीनियरों को किसी भी दशा में मेरठ में अवैध निर्माण नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं। अवैध निर्माण की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने की प्रवृत्ति को दूर करने के लिए कर्मचारियों से लिखित में अवैध निर्माण नहीं होने देने का शपथ पत्र लिया जा रहा है। इसका कर्मचारी विरोध भी कर रहे हैं और अवैध निर्माण रोकने का जिम्मा अवर अभियंताओं का बता रहे हैं।

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एमडीए सचिव चंद्रपाल तिवारी का कहना है कि मेरठ शहर में अवैध निर्माण को गिराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। सभी जोन में बनाई जा रही अवैध कॉलोनियों को चिन्हित करके उनका ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। एआईजी स्टांप को इन अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बिक्री रोकने के लिए लिखित में पत्र भेजा गया है। किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण नहीं होने दिए जाएंगे। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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