रांची। सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका के मानविकी संकायाध्यक्ष सह दर्शनशास्त्र विभागध्यक्ष डॉ रवींद्र के एस. चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 भारत के दर्शन , संस्कृति , धर्म की आवश्यकता के अनुरूप तैयार की गई नीति है । यह भारतीय दर्शन के समावेशन की अवधारणा पर आधारित है। प्रो. (डॉ )रवींद्र के एस.चौधरी बतौर मुख्य अतिथि सोमवार को गोस्सनर कॉलेज के आईक्यूएसी और झारखंड फिलॉसॉफिकल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि पूर्व की शिक्षा नीति मैकाले द्वारा थोपी गई नीति थी , इसने हमारी राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक चेतना को कुंठित कर दिया था। वर्तमान शिक्षा नीति की प्रमुख विशेषता है कि इसमें अनुभूति मूलक शिक्षा पद्धति पर जोर देते हुए भविष्य की चुनौतियों पर भी बल दिया गया है। सांस्कृतिक रूप से इसकी जड़ें गहरी है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अथिति जेपीएफ के अध्यक्ष डॉ अशरफ़ बिहारी ने झारखंड फिलॉसॉफिकल फोरम (जेफीएफ) का परिचय देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति भारत को वैश्विक शक्तिशाली बनाने के साथ- साथ मानव की पूर्ण क्षमताओं को प्रकट करने का माध्यम बनेगी । उन्होंने कहा कि फिलॉसॉफी और संस्कृति को जहां तक पहुंचाना चाहिए था पहुंच नहीं पाया है। इसपर सोचने की जरूरत है।
मौके पर झारखंड फिलॉसॉफिकल फोरम के सचिव डॉ प्रदीप कुमार सिन्हा ने कहा कि नई शिक्षा नीति युवाओं को भ्रम से निकालकर उन्हें रोज़गारोन्मुखी बनायेगी ।
कार्यक्रम के संयोजक सह दर्शनशास्त्र विभाग के विभागध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम का विषय- प्रवेश कराते हुए इसकी उपादेयता , महत्व पर विस्तार से चर्चा की ।
कार्यक्रम की संरक्षक सह गोस्सनर महाविद्यालय की प्रोफेसर इंचार्ज प्रो इलानी पूर्ति ने कहा कि शिक्षा का अर्थ उस पूर्णता की अभिव्यक्ति है , जो सब मनुष्यों में पहले से ही व्याप्त है । सेवा भाव से शिक्षा का प्रसार होना चाहिए । कार्यक्रम के दूसरे सत्र (इंटरेक्टिव सेशन) में प्रश्नोत्तर द्वारा प्राध्यापकों की जिज्ञासा का समाधान किया गया ।
मौके पर विभिन्न महाविद्यालयों से आएं प्राध्यापकों में पूर्व प्रोफेसर डॉ रणभूषन प्रसाद , डॉ फूलमणि धान , डॉ सविता मिश्र , डॉ प्रमोद कुमार सिंह , डॉ उषा किरण , डॉ निवेदिता कुमारी , डॉ जेनेट एंड्रू , डॉ इंद्रजीत प्रसाद सिंह, डॉ सोनी शर्मा , डॉ प्रिया कुमारी और डॉ भावना कुमारी मौजूद थी ।
गोस्सनर महाविद्यालय से उपस्थित प्राध्यापकों में प्राचार्य प्रो इलानी पूर्ती , वर्सर प्रो आशा रानी केरकेट्टा , प्रो प्रवीण सुरीन , डॉ एसके सेनगुप्ता , डॉ बलबीर केरकेट्टा , प्रो विनय जॉन , डॉ ज्योति टोप्पो , डॉ ईवा मार्ग्रेट हांसदा , डॉ अनिता अंजू खेस्स , डॉ बिंदू सोरेन , डॉ दिव्या कोनगाड़ी , प्रो डिम्पल मिंज , प्रो पुलिन केरकेट्टा , डॉ निधि सिंह , प्रो प्रियंका सोरेंग , प्रो निशा सोरेंग , प्रो अनुपमा पूर्ति , प्रो सुषमा केरकेट्टा , प्रो अदिति टोप्पो , प्रो आकांक्षा तिग्गा , प्रो गोल्डेन महिमा बिलुंग , डॉ सीमा टेटे , प्रो नुतनलता , प्रो रश्मि हेम्ब्रम , प्रो सुषमा मुंडू , प्रो जेनिस धान, डॉ हराधान कोइरी , डॉ कोरनेलियुस मिंज , डॉ प्रिया दुबे, विनिता कुमारी, डॉ वर्षा शालिनी कुल्लू , डॉ आरती कुमारी आदि मौजूद थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रशांत गौरव ने किया वहीं धन्यवाद ज्ञापन कॉमर्स विभाग के प्राध्यापक सह आईक्यूएसी के समन्वयक डॉ अजय कुमार ने किया ।