New Delhi: पीएम आवास के नजदीक राहुल गांधी-प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में मंगलवार को जब कांग्रेसी कार्यकर्ता एकजुट होकर नारेबाजी करने लगे, तब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह वहां उनसे बातचीत करने पहुंचे।
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जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का बर्ताव और व्यवहार उचित नहीं था। राहुल गांधी ने पहले मांग रखी कि अगर सरकार संसद में नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें। कुछ ही क्षणों में सरकार उनकी मांगें ली।
इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे, उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा। उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं- संसद में चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होंने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गई हैं। जब उनको विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है।



