धनबाद: ग्रामीण विकास श्रमिक संघ के सदस्यों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि, झारखण्ड राज्य में धनबाद जिला एक औधोगिक जिला है। यहाँ के स्थानीय निवासी काम के आभाव में अन्य राज्यों में पलायन करते है।
आरचण्ड सरकार ने अधिसूचना (गजट) जारी कर कहा है कि, राज्य अवस्थित सभी ज्यौगों उपक्रमों सकरारी कार्यालयों ठीकेदारी, कोयला आदि में 40,000/- (चालीस हजार) रु० तक की चाहे वह मजदुरी/मानदेय / वेतन पानेवाले स्थलों में 75% नियुक्ति पाहे यह दैनिक वेतनभोगी मजदूर हो या चतुर्थ या तृतीय वर्ग हो झारखण्ड का स्थानीय हो संबंधित जिले का निवासी है।
उन्होंने आग्रह करते हुए लिखा कि, उक्त गजट/अधिसूचना के आलोक में जिले के सभी औधोगिक ईकाई होटल, निगम बोर्ड सरकारी कार्यालय आदि क्षेत्रों में 75% स्थानीय बेरोजगारों को नियोजन दिया जाए। इसके लिए स्थानीय नियोजन समिति का गठन कर जिला स्तरीय कारवाई की जाए ताकि शहर के स्थानीय निवासियों को काम मिल सके।