नई दिल्ली, एजेंसी/एपी। कोरोनावायरस के खौफ से लोग अपने को बचाने के लिए तमाम जतन कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से बताई गई गाइडलाइंस का पालन करने के अलावा अपने हिसाब से भी एहतियात बरत रहे हैं।
चीन से निकले कोरोनावायरस ने पुरी दुनिया में संक्रमण फैला रखा है। कोरोनावायरस के खौफ से साउथ कोरिया में कुछ लोगों ने ऐसा काम किया कि वो इन दिनों चर्चा का कारण बने हुए हैं। लोगों ने नोटों पर संक्रमण को खत्म करने के लिए पहले उसे वाशिंग मशीन में धूला फिर उसे ओवन में रखकर सूखाने की कोशिश की जिससे वो जलकर नष्ट हो गए। ऐसे एक अरब डालर से अधिक नोट आशिंक या पूरी तरह जल गए हैं।
चीन में भी नोटों को किया गया था सेनिटाइज
सबसे पहले चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए नोटों को भी सैनिटाइज किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। अब इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए साउथ कोरिया के लोगों ने नोटों पर कोरोना संक्रमण को खत्म करने के लिए उसे ओवन में रखा और कुछ ने तो उसे वाशिंग मशीन में धो डाला जिससे वो खराब हो गए। अब इस तरह के जले और खराब हुए नोट साउथ कोरिया के बैंक में बदलने के लिए पहुंचे तो इस तरह की चीजों का खुलासा हुआ।
साउथ कोरिया ने कहा तीन गुना अधिक जले हुए नोट बदले गए
दक्षिण कोरिया के रिजर्व बैंक कहे जाने वाले बैंक ऑफ कोरिया ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है। बैंक की ओर से कहा गया कि साल 2019 की अपेक्षा इस साल 6 माह में ही तीन गुना अधिक जले और कटे हुए नोट अब तक बदले जा चुके हैं। ये सिलसिला अभी थमा नहीं है।
वैसे बैंक खुद भी अपनी तरफ से सावधानी बरत रहा है। बैंक में जितने नो जमा हो रहे हैं वो उनको सैनिटाइज कर रहा है और कुछ दिनों के लिए ऐसे नोटों को अलग भी रखा जा रहा है। बैंक ने कहा कि जनवरी से जून के बीच में 1.32 अरब वॉन (1.1 अरब डॉलर) के जले हुए नोट बैंक को लौटाए गए हैं। बैंक ने बताया इसी अवधि में पिछले साल मात्र 40 लाख डॉलर के जले हुए नोट लौटाए गए थे।
कोरोना वायरस का खौफ, ओवन में नोट रख वायरस मार रहे लोग
साउथ कोरिया में कोरोनावायरस से बचने के चक्करर में लोगों ने अपने अरबों डॉलर अवन और वॉशिंग मशीन में जला दिए। दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक के मुताबिक लोगों ने करीब 2.25 ट्रिल्य न डॉलर मूल्यब के नोटों और सिक्कों। को नष्टक कर दिया। दरअसल लोगों ने इस वायरस को लेकर इतना अधिक खौफ है कि वो नोटों को ओवन में रखकर उससे संक्रमण मारना चाहते हैं जिससे नोट जल जा रहे हैं। इतना ही नहीं कई तो ऐसे लोग भी हैं जिन्होंसने अपनी नोटों की गड्डियों से संक्रमण हटाने के लिए उसे ओवन में डाल दिया। इससे नोट काफी जल गए।
2.25 ट्रिल्यंन डॉलर मूल्यड के जले हुए नोट आए
बैंक ऑफ कोरिया ने बताया कि इस साल ओवन के अंदर नोटों के जलाने के काफी मामले सामने आए हैं। बैंक का इशारा इस ओर था कि लोगों ने नोटों से कोरोना वायरस के फैलने के डर से इन नोटों को ओवन के अंदर जला दिया। बैंक ने बताया कि वर्ष 2020 के पहले 6 महीने में कुल 2.69 ट्रिल्यीन वॉन या 2.25 ट्रिल्य न डॉलर मूल्यि के कटे-फटे और जले हुए नोट और सिक्केै बरामद हुए हैं। इन नोटों और सिक्कों् को गरम करने के लिए माइक्रोवेव्सय या ओवन के अलावा वॉशिंग मशीन का इस्तेनमाल किया गया।
नोटों को दो सप्ताकह के लिए अलग रख रहा बैंक
इससे पहले मार्च महीने में बैंक ऑफ कोरिया ने कहा था कि बैंक में जो नोट आ रहे हैं वह बैंक नोटों को दो सप्तापह के लिए अलग रख रहा है ताकि कोरोना वायरस को खत्म किया जा सके। यही नहीं बैंक ने कुछ नोटों को जलाया भी था। दक्षिण कोरिया में कोविड-19 के 14 हजार से ज्याबदा मामले सामने आए हैं।
वायरस मारने के लिए ओवन में डाल दिए नोट
इसी तरह के एक अन्य मामले में साउथ कोरिया के रहने वाले किम नाम के शख्स ने अपने 5.2 मिलियन वॉन अपने घर के माइक्रोवेब के अंदर डाल दिए ताकि नोटों पर मौजूद कोरोना वायरस मर जाएं। ये तो उसका भाग्य अच्छाघ था कि उसे उसके ज्याददातर नोट सही सलामत मिल गए वरना माइक्रोवेब में डालने के बाद नोट खराब हो जाते या वो जल जाते।
अंतिम संस्कार के लिए मिले थे पैसे, उसे वाशिंग मशीन में डाला
बैंक ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि उम नाम के एक व्यंक्ति ने 35.5 मिलियन वॉन (लगभग 30 हजार डॉलर) के नोटों को उसने वॉशिंग मशीन में डाल दिया था। वाशिंग मशीन से निकालने के बाद उसने अपने घर के ओवन में ये सारे पैसे डाल दिए, इसमें से उम को केवल 22.9 मिलियन वॉन ही मिले थे। उसकी 35 प्रतिशत मूल धनराशि नष्टा हो गई। इससे उसकी टेंशन काफी बढ़ गई।
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