रांची। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ एम तौसीफ ने भाजपा की केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि आत्मनिर्भर बनाने की बात करने वाली केंद्र सरकार की नीयत और नीति दोनों में खोट है। उन्होंने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर बनाने की योजना में भी झारखंड के आदिवासी, गरीब, मजदूर के साथ सौतेला व्यवहार किया है। झारखंड के केवल तीन जिलों के 20 से 25 प्रवासी मजदूरों को प्रशिक्षण देने की बात कही गई है। वहीं, दूसरी तरफ बिहार में चुनाव को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा जिला एवं मजदूरों को इस योजना के लिए चयनित किया गया है। तौसीफ ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी हर उस योजना को राजनीतिक दृष्टिकोण से लागू करती है जिससे भाजपा को फायदा हो सके, लॉकडाउन के दौरान लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी उसके हाथों से छीन गई अब गिने-चुने मजदूरों को आत्मनिर्भर भारत अभियान के द्वारा जोड़ने का नाटक एवं मजदूरों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार से मांग की थी कि सभी मजदूरों को 7500 उसके अकाउंट में भेजें ताकि तत्काल जो उसके साथ समस्या उत्पन्न हुई है उससे निजात मिल सके। लेकिन केंद्र सरकार ने एक नहीं सुनी, अपने मन मुताबिक फैसला लिया। अचानक लॉकडाउन होने से देश के गरीब मजदूर अपने परिवार और बच्चों के साथ विवश होकर सड़क मार्ग से पैदल हजारों-सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर अपने घर पहुंचे।उस दृश्य को बयान करना आसान नहीं है। तौसीफ ने कहा है कि अब तक केंद्र सरकार के कई हिटलरी फरमान से देश को चौतरफा नुकसान हुआ है। लॉकडाउन से सबसे ज्यादा नुकसान देश के 39 लाख मजदूरों का हुआ है। हमारे मजदूर भाइयों का देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान हमेशा रहता है। उन मजदूरों के लिए भी केंद्र सरकार पारदर्शी नजर नहीं आ रही है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
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