नवादा। एस ए आर ए एल प्रोजेक्ट के अंतर्गत नवादा के कृषि विज्ञान केंद्र,ग्राम निर्माण मंडल सर्वोदय आश्रम सोखोदेवरा में “ग्रामीण आजीविका के लिए बकरी पालन के वैज्ञानिक तरीके” विषय पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को विधिवत शुभारंभ किया गया।
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कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण पशुपालकों एवं युवाओं को बकरी पालन की वैज्ञानिक एवं उन्नत तकनीकों से अवगत कराकर इसे आय एवं टिकाऊ आजीविका के प्रभावी साधन के रूप में विकसित करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन ग्राम निर्माण मंडल के प्रधानमंत्री अरविंद कुमार,केवीके के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. जयवंत कुमार सिंह, कोर्स कोऑर्डिनेटर रजत रंजन,विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. शशांक शेखर सिंह एवं अंगद कुमार ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन सत्र में प्रतिभागियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बकरी पालन अपनाने तथा इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ एवं स्थायी आजीविका स्थापित करने को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने बकरी पालन को केवल पारंपरिक पशुपालन तक सीमित न रखकर वैज्ञानिक प्रबंधन,बेहतर पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के साथ व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। सात दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान पशुपालकों एवं ग्रामीण युवाओं को उन्नत बकरी पालन तकनीक, उपयुक्त नस्ल का चयन एवं नस्ल सुधार, संतुलित पोषण, आवास प्रबंधन, रोगों की पहचान एवं रोकथाम, टीकाकरण, प्रजनन प्रबंधन तथा बकरी एवं बकरी उत्पादों के बेहतर विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी,ताकि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को अपने स्तर पर बकरी पालन में लागू कर सकें।
आयोजकों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके अपनाने से बकरी पालन की उत्पादकता बढ़ाने, अनावश्यक खर्च कम करने और ग्रामीण परिवारों की आय के अवसरों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के सभी सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्राप्त तकनीकी जानकारी को अपने गांवों में अन्य पशुपालकों तक पहुंचाने की अपील की।


