पूर्वी सिंहभूम। पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया प्रखंड के सुदूरवर्ती हरेबेड़ा और आसपास के ग्रामीणों ने वर्षों से चली आ रही सड़क और पुल की समस्या को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। मंगलवार को ग्रामीणों की ओर से उपायुक्त को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर जर्जर सड़कों की मरम्मत के साथ जय नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराने की मांग की गई। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की पुत्री दुखनी सोरेन ने भी ग्रामीणों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखते हुए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया।
ग्रामीणों ने बताया कि हरेबेड़ा पंचायत के नरसिंहबहाल चौक से मटियालटोला तक जाने वाली सड़क लंबे समय से बेहद खराब स्थिति में है। जगह-जगह सड़क टूट जाने और आवागमन के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पैदल चलने से लेकर दोपहिया वाहनों तक से आने-जाने में परेशानी होती है।
स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी जाने वाले बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजमर्रा के काम के लिए बाजार, बैंक, पंचायत भवन तथा प्रखंड कार्यालय जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
ज्ञापन में बताया गया है कि हरेबेड़ा क्षेत्र से होकर गुजरने वाला जय नदी मार्ग आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। बोलाबेड़ा पंचायत के नरसिंहबहाल, बारूनिया और कारिदा समेत कौंटाशोल पंचायत के कई गांवों के अलावा ओडिशा सीमा से सटे कुछ गांवों के लोग भी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 हजार लोगों की आवाजाही इस रास्ते पर निर्भर है।
बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। नदी पार करना जोखिमपूर्ण हो जाता है और कई बार आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। इसका सीधा असर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों की पढ़ाई, किसानों के खेतों तक पहुंचने, रोजगार तथा दैनिक जरूरतों से जुड़े कार्यों पर पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण बरसात में पूरा क्षेत्र अन्य इलाकों से कटने की स्थिति में पहुंच जाता है।
ग्रामीणों ने उपायुक्त से दोनों समस्याओं का स्थल निरीक्षण कराने तथा संबंधित विभागों को सड़क निर्माण एवं मरम्मत और जय नदी पर स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश देने की मांग की है। ज्ञापन पर ग्राम प्रधान और माझी बाबा समेत हरेबेड़ा, सातबाखरा, नुनिया, हल्दीबनी और आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क और पुल का निर्माण होने से क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार से जुड़ी समस्याओं में भी कमी आएगी।


