पूर्वी सिंहभूम। लगातार हो रही बारिश के कारण खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति को देखते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने बुधवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की।
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बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, जिला योजना पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता समेत ग्रामीण कार्य विभाग, विशेष प्रमंडल, एनआरईपी, जिला परिषद और लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और नगर निकायों के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
उपायुक्त ने अधिकारियों को बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों का तत्काल स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पानी उतरने के बाद कई इलाकों में आवागमन बाधित होने की आशंका है। ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जाए, जहां सड़क टूटने से बच्चों के स्कूल पहुंचने और मरीजों के अस्पताल जाने में परेशानी हो सकती है।
उन्होंने पुल-पुलियों पर जमा मलबे और अन्य अवरोधों को तत्काल हटाकर जलनिकासी व्यवस्था सुचारू रखने का निर्देश दिया। जिन क्षेत्रों से पानी उतर चुका है, वहां सफाई, फॉगिंग और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने को कहा गया, ताकि संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम की जा सके।
बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। बारिश के कारण जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुए हैं, उनके प्रस्ताव तत्काल भेजने का निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें नियमानुसार आवास योजना का लाभ दिलाया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने गड्ढों और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों की भी तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया।
इधर, मानगो स्थित जाबिर पुल के बारिश के पानी में डूबने और आवागमन प्रभावित होने की सूचना के बाद अभियंताओं ने स्थल निरीक्षण कर तकनीकी जांच की थी। जांच के बाद पुल के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है। निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।



