- झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक
रांची। झारखंड कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, प्रशासन और न्याय व्यवस्था से जुड़े 49 से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में नए डिग्री कॉलेज, AI आधारित वर्चुअल क्लासरूम, हेलीकॉप्टर एयर एंबुलेंस, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, सड़क निर्माण, विश्वविद्यालयों के पुनर्गठन और कर्मचारियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
यह भी पढ़े : झारखंड समेत 5 राज्यों के डीजीपी की बैठक, संयुक्त कार्रवाई की बनी रणनीति
कैबिनेट में लिए गए फैसले
-शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने गिरिडीह के जमुआ में 38.22 करोड़ रुपये और रामगढ़ के मांडू में 40.14 करोड़ रुपये की लागत से नए डिग्री कॉलेज बनाने की मंजूरी दी है।
-राज्य के 1000 माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में AI आधारित वर्चुअल क्लासरूम शुरू किए जाएंगे। इसके लिए 176.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जेईपीसी कार्यालय में 2 और पांचों प्रमंडलों के DIET कार्यालयों में 5 स्टूडियो बनाए जाएंगे। यहां से शिक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बच्चों को पढ़ाएंगे और छात्र सीधे सवाल भी पूछ सकेंगे। सरकार ने आदर्श विद्यालय योजना की अवधि वर्ष 2029-30 तक बढ़ा दी है।
-जेसी बोस विश्वविद्यालय गिरिडीह, विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग, कोल्हान विश्वविद्यालय, रांची विश्वविद्यालय, सिद्धू कानू मुर्मू विश्वविद्यालय और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों का पुनर्गठन किया गया है। वहीं बरही डिग्री कॉलेज का नाम बदलकर डिग्री महाविद्यालय चंदवारा कर दिया गया है।
-स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस किराये पर लेने का फैसला किया है। इसका उपयोग दूर-दराज के इलाकों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने में किया जाएगा। इस सेवा पर हर साल करीब 9.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
-सरकार ने सिकल सेल, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, टाइप-1 डायबिटीज और अन्य गैर संक्रामक बीमारियों से पीड़ित तथा दिव्यांग छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत की जगह 50 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी।
-धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SNMMCH) में MBBS सीटें 100 से बढ़ाकर 250 और PG सीटें 16 से बढ़ाकर 200 करने के लिए पहले चरण में 194.73 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
-सड़क निर्माण के लिए भी कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। पूर्वी सिंहभूम में भुइयां सिनान से सुसनी तक 22.44 किलोमीटर सड़क के लिए 102.40 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। गुमला में घाघरा से जोकारी घाटी तक 19 किलोमीटर सड़क के लिए 101.77 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। रांची में टांगर बसली मोड़ से बोबरो मोड़ तक 11.57 किलोमीटर सड़क के लिए 63।77 करोड़ रुपये दिए गए हैं। गुमला में परवल आरसीडी पथ से करंज पथ तक 14.25 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 76.75 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। वहीं खेराबनी से रानी घाघर तक 9.17 किलोमीटर सड़क के लिए 53.73 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
-आदित्यपुर नगर निगम के नए भवन निर्माण के लिए 39.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार ने झारखंड बिल्डिंग बाय-लॉज लागू कर दिया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कोई संस्थान, प्रशासनिक कार्यालय या उद्योग स्थापित होगा, वहां नक्शा पास कराने के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर से घटाकर 4.5 मीटर कर दी गई है।
-पर्यावरण संरक्षण के तहत गिरिडीह पूर्वी वन प्रमंडल और दुमका वन प्रमंडल में दो नए चिड़ियाघर बनाने पर सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। साथ ही झारखंड चिड़ियाघर प्राधिकरण का दायरा पूरे राज्य तक बढ़ा दिया गया है।
-कल्याण विभाग के छात्रावासों का संचालन अब गैर सरकारी संस्थाओं (NGO) के माध्यम से किया जाएगा। इनका चयन जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।
-सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 योजना के तहत टेक होम राशन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी को नया टेंडर होने तक सेवा विस्तार दिया गया है।
-कैबिनेट ने फैसला लिया कि झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान कुल पांच कार्य दिवस होंगे।
-राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों और अधिकारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ अब 1 जनवरी 2016 से मिलेगा। उन्हें बकाया राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ दी जाएगी।
-झारखंड हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष मजबूत रखने के लिए महाधिवक्ता और अन्य विधि पदाधिकारियों के वेतन में संशोधन किया गया है। साथ ही 63 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है।
-अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति को मेडिकल बीमा, पेंशन और अन्य योजनाओं के लिए 12.32 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
-झारखंड न्यायिक सेवा भर्ती नियमावली 2004 और उच्चतर न्यायिक सेवा भर्ती नियमावली 2001 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। हाईकोर्ट की अनुशंसा पर संजय कुमार सरोज और आनंद कुमार त्रिपाठी की जिला न्यायाधीश के रूप में सीधी नियुक्ति को भी मंजूरी मिली है।
-लगातार अनुपस्थित रहने के कारण बोकारो के कसमार में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी डॉ। अर्चना चौधरी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
-हाईकोर्ट के आदेश के बाद वेजफेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक रामोद नारायण झा की पेंशन जब्ती का आदेश रद्द कर दिया गया है। वहीं वर्ष 2016 में बर्खास्त किए गए चंद्रेश्वर कॉपर की सेवा समाप्ति का आदेश भी निरस्त कर दिया गया है।
-कैबिनेट ने खान एवं भूतत्व विभाग की पुरानी देनदारियों के भुगतान के लिए 146 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। एजी कार्यालय के डिजिटलीकरण के तीसरे चरण के लिए 46.85 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
-मनरेगा और जल जीवन मिशन से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की अनुमति भी दी गई है।
इसके अलावा बुंडू में अनुमंडलीय न्यायालय के गठन से पहले आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने का भी फैसला किया गया।



