RANCHI : मैक्लुस्कीगंज में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को तापमान गिरकर माइनस 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि लोग घरों में दुबकने को मजबूर दिखे।
भीषण ठंड का सबसे अधिक असर गरीब, बुजुर्ग, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है। सुबह और शाम चल रही सर्द हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है। दिहाड़ी मजदूर ठंड के कारण काम पर जाने से कतरा रहे हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए।
ठंड बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। चिकित्सकों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचने की सलाह दी है।
ठंड का असर बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ काफी कम रही। शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र मानो ठंड की गिरफ्त में आ जाता है।
इस बीच प्रशासन और सामाजिक संगठनों से जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ठंड का यह प्रकोप जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल मैक्लुस्कीगंज में कड़ाके की ठंड सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी है।




