रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने तेजी से कार्य करते हुए 96.68 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना (इन्यूमरेशन) प्रपत्र पहुंचा दिए हैं। अब तक 50.06 प्रतिशत भरे हुए प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने गुरुवार को बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में मतदाताओं और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 के सहयोग से बीएलओ घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल कुछ मतदाताओं, जिनमें एएसडीडीएफ सूची के मतदाता भी शामिल हो सकते हैं, तक अभी प्रपत्र नहीं पहुंच सके हैं। वहीं बड़ी संख्या में मतदाता अपने भरे हुए प्रपत्र बीएलओ को वापस जमा कर रहे हैं, जिनका तेजी से डिजिटाइजेशन किया जा रहा है।
के. रवि कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता उत्साहपूर्वक अपने गणना प्रपत्र जमा कर रहे हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम भागीदारी चिंता का विषय है। विशेष रूप से युवा मतदाताओं की कम सहभागिता को अभियान के सामने एक बड़ी चुनौती बताया गया। इसी को ध्यान में रखते हुए शहरी क्षेत्रों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के सुझाव पर 18 और 20 जुलाई को सभी शहरी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में लगातार पलायन, घर-घर सत्यापन के दौरान मतदाताओं का उपलब्ध नहीं होना तथा शिक्षा और रोजगार के लिए युवाओं के दूसरे स्थानों पर रहने जैसी परिस्थितियों के कारण मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल पा रही है। इन कमियों को दूर करने के उद्देश्य से दो दिवसीय विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि यह विशेष शिविर 18 और 20 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सभी शहरी मतदान केंद्रों पर आयोजित होंगे। जिन शहरी मतदाताओं ने अभी तक अपना एसआईआर गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं किया है या भरकर जमा नहीं किया है, वे शिविर में पहुंचकर प्रपत्र प्राप्त कर उसे भरकर वहीं जमा कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने अपना गणना प्रपत्र पहले ही बीएलओ के पास जमा कर दिया है अथवा ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं, उन्हें शिविर में आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन व्यक्तियों ने विदेशी नागरिकता ग्रहण कर ली है अथवा भारतीय नागरिकता त्याग दी है, उन्हें बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए अपना गणना प्रपत्र तत्काल बीएलओ को वापस कर देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि गणना प्रपत्र में गलत घोषणा कर हस्ताक्षर करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के सभी पात्र नागरिकों से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही शुद्ध, त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सकेगी। उन्होंने अभियान का संदेश दोहराते हुए कहा, “कोई पात्र भारतीय नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।”




