असम, चबुआ : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को असम विधानसभा चुनाव के तहत चाबुआ-लाहोवाल सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रत्याशी भूबेन मुरारी के समर्थन में आयोजित चुनावी जनसभा को ऑनलाइन संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला।
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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का हवाला देकर उनके हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं दी गई, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि सत्ता और ताकत के दम पर विपक्ष उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जेएमएम की हक और सम्मान की लड़ाई को कोई नहीं रोक सकता।
असम की क्रांतिकारी धरती ने कभी झुकना नहीं सीखा है। प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम बताकर आज मुझे प्रचार के लिए जाने नहीं दिया गया। क्या लोकतंत्र अब कार्यक्रमों की आड़ में बंद किया जाएगा?
और यह सब कैसे हो रहा है? संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर, एजेंसियों को हथियार बनाकर।
सोरेन ने तीखे अंदाज में कहा कि ये लोग वोट चोरी करते हैं और विपक्षी दलों के प्रचार में बाधा डालते हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। चाय बागान श्रमिकों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि असम के इन इलाकों को झामुमो ने इसलिए चुना है क्योंकि यहां के मजदूर और आदिवासी वर्षों से उपेक्षित हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाय बागान श्रमिकों को कम से कम 500 रु प्रतिदिन मजदूरी मिलनी चाहिए, जो उनका अधिकार है, कोई दया नहीं।
मुख्यमंत्री ने असम में आदिवासी समुदाय को अब तक पूर्ण दर्जा नहीं मिलने पर भी सवाल उठाया और इसे सरकार की बड़ी विफलता बताया।
महिलाओं के खातों में 9000 देने के वादे पर तंज कसते हुए सोरेन ने कहा कि जनता को यह सोचना होगा कि क्या यह राशि अगले पांच वर्षों तक उनके जीवन को सुरक्षित बना सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपनी ताकत को पहचानते हुए एकजुट हों।
अपने संबोधन के अंत में सोरेन ने भरोसा जताया कि जब समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ा होगा, तो सरकार को झुकना ही पड़ेगा और तभी श्रमिकों व आदिवासियों के बेहतर भविष्य की नींव रखी जा सकेगी।


