धनबाद: बरोरा थाना क्षेत्र के माथाबांध ग्राउंड के समीप शनिवार सुबह दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। बाइक सवार अपराधियों ने प्योर बरोरा निवासी रविंद्र चौहान पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें वह आंशिक रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल बाघमारा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। डॉक्टरों के अनुसार गोली उनके पैर को छूते हुए निकल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना सुबह करीब 10 बजे की है। रविंद्र चौहान अपनी मोटरसाइकिल से सब्जी खरीदने डुमरा जा रहे थे। जैसे ही वह माथाबांध ग्राउंड के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि चार से पांच मोटरसाइकिल पर सवार आठ से दस अपराधी मौके पर मौजूद थे, जिनमें से चार के हाथ में पिस्टल थी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों में पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दिनदहाड़े इस तरह की वारदात ने कानून-व्यवस्था पर भी चिंता बढ़ा दी है।
घायल रविंद्र चौहान के बयान पर बरोरा थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने हमले के पीछे पुरानी रंजिश को वजह बताया है। रविंद्र के अनुसार, कुछ महीने पहले हरिणा में उनके साथ मारपीट हुई थी, जिसकी प्राथमिकी उन्होंने दर्ज कराई थी। उसी केस को वापस लेने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मुकदमा वापस नहीं लेने पर जान से मारने की नीयत से यह हमला किया गया।
सूचना मिलते ही बाघमारा डीएसपी पुरुषोत्तम सिंह, कतरास सर्किल इंस्पेक्टर रुस्तम अंसारी सहित कई थाना क्षेत्रों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से दो जिंदा कारतूस और तीन खोखा बरामद किए हैं, जिससे फायरिंग की पुष्टि हुई है।
त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नामजद आरोपी अनीस चौहान और विशाल चौहान को मंदरा इलाके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। डीएसपी पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर बाघमारा क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने की जरूरत को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।




