धनबाद। धनबाद के निरसा प्रखंड अंतर्गत गोपालपुर पंचायत में पेयजल संकट को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। पंचायत की मुखिया शिखा नाग के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ईसीएल कॉलोनी के मुख्य गेट को बंद कर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन में महिलाएं, युवतियां और बच्चे भी शामिल हुए। हाथों में डेकची, बाल्टी और अन्य बर्तन लेकर लोगों ने ईसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के कई टोला में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, जबकि सड़कों की हालत भी बदहाल है।
यह भी पढ़े : 15 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
ग्रामीणों के अनुसार बाका डंगाल, बाउरी टोला सहित कई इलाकों में लोगों को पीने के पानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ रहा है। पंचायत की मुखिया शिखा नाग ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए ईसीएल मुगमा क्षेत्र के महाप्रबंधक को छह बार लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन की प्राप्ति और उसकी स्थिति के बारे में भी प्रबंधन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं देता है।
मुखिया पति सपन नाग ने ईसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सफाई कार्यों में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्यों के नाम पर भी भारी अनियमितता हुई है, जबकि क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कागजों में विकास कार्य दिखाए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति पूरी तरह अलग है।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि पानी की कमी के कारण घर-परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। घंटों दूर जाकर पानी लाना पड़ता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसी वजह से ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
सड़क जाम और मुख्य गेट बंद होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। हैरानी की बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान ईसीएल का कोई भी अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत करने नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, सड़कों की मरम्मत नहीं हुई और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच नहीं कराई गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।




