रांची। ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा ग्रामीण विकास विभाग के प्रयासों से राज्य की महिला किसानों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिली है।
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देवघर के मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसायटी और गुमला की गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की ओर से बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित दो टन आम्रपाली आम की पहली खेप जेएसएलपीएस के माध्यम से दुबई भेजी गई है।
दुबई के लूलू मॉल में यह आम बिक्री के लिए उपलब्ध है। इससे पहले झारखंड का आम्रपाली आम लंदन और इटली के बाजारों तक भी पहुंच चुका है।
मंत्री ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि इस उपलब्धि का श्रेय राज्य की मेहनतकश दीदियों को जाता है।
उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित बागवानी ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आजीविका का मजबूत माध्यम बनी है।
उनकी मेहनत, गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता और जेएसएलपीएस के प्रभावी प्रबंधन के कारण झारखंड का आम्रपाली आम दुबई, लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग और जेएसएलपीएस ने स्वयं सहायता समूहों एवं किसान उत्पादक संगठनों को मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता आधारित प्रसंस्करण तथा आधुनिक विपणन व्यवस्था से जोड़कर महिला किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किया है।
राज्य में ‘पलाश’ ब्रांड के तहत आम बिक्री स्टॉल स्थापित कर स्थानीय बाजार में सफलता मिलने के बाद आम्रपाली आम को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिला किसानों के उत्पादों को अधिक से अधिक देशों के बाजारों तक पहुंचाकर उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है।




