खूंटी। अखिल भारतीय सरना समाज ने एदेल सांगा 22 पड़हा 56 मौजा के नए पड़हा राजा के रूप में जेवियर सांगा की नियुक्ति का कड़ा विरोध करते हुए इसे सरना समाज की आस्था, परंपरा और सामाजिक व्यवस्था पर हमला बताया है। रविवार को सरना समाज के केंद्रीय अध्यक्ष भीम सिंह मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की गई।
यह भी पढ़े : नकली विदेशी शराब फैक्ट्री में छापेमारी , 350 पेटी शराब जब्त
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व पड़हा राजा सोमा मुंडा के निधन के बाद समाज की परंपरा के अनुसार सर्वसम्मति से उनके पुत्र मनीष मरकुश सांगा को एदेल सांगा 22 पड़हा 56 मौजा का नया पड़हा राजा चुना गया था। आरोप लगाया गया कि इसके अगले ही दिन धर्मांतरित समुदाय के लोगों ने ऑल इंडिया क्रिश्चियन फ्रंट के अध्यक्ष जेवियर सांगा को नया पड़हा राजा घोषित कर दिया, जो सरना संस्कृति और परंपराओं के विरुद्ध है।
सरना समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जेवियर सांगा का चयन पूरी तरह असंवैधानिक और पारंपरिक व्यवस्था के विपरीत है। समाज ने स्पष्ट किया कि वह इस निर्णय को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा।
बैठक में यह भी दावा किया गया कि जेवियर सांगा परंपरागत सामाजिक मान्यताओं के अनुरूप पड़हा राजा बनने की पात्रता नहीं रखते। इसलिए उन्हें पड़हा समाज का राजा नहीं माना जा सकता। सरना समाज और मुंडा समाज ने सर्वसम्मति से घोषणा की कि मनीष मरकुश सांगा को ही एदेल सांगा 22 पड़हा 56 मौजा का वैध पड़हा राजा माना जाएगा।
बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष भीम सिंह मुंडा के अलावा नगर पंचायत खूंटी की अध्यक्ष रानी टूटी, भोंज नाग, नौरी पूर्ति, लीलू पाहन, लक्ष्मी बखला, छोटराय मुंडा, मागो मुंडा, मानसिंह बोदरा, जगमोहन सिंह मुंडा, मनीष मरकुश सांगा, दीपक तिग्गा सहित बड़ी संख्या में सरना समाज के लोग उपस्थित थे।




