खूंटी। हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जंगल से सटे गांवों में हाथियों की आवाजाही से किसान भय और चिंता के माहौल में धान की रोपाई करने को विवश हैं।
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हाथियों के झुंड खेतों में पहुंचकर धान की फसल को रौंद रहे हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रखंड के कई गांवों में जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है।
किशुनपुर मांझी टोली निवासी किसान बैजनाथ साहू और बलंकेल गांव के प्रदीप नाग के खेतों में लगी धान की फसल को हाथियों के झुंड ने पूरी तरह रौंद दिया। किसानों का कहना है कि काफी मेहनत और खर्च से तैयार की गई फसल बर्बाद हो गई है।
घटना के बाद पीड़ित किसानों ने वन विभाग के कर्मियों को नुकसान की सूचना देकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों की ओर आने से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है और लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय किसानों ने वन विभाग से हाथियों के बढ़ते आतंक पर रोक लगाने के लिए प्रभावी और स्थायी उपाय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
वहीं, ग्रामीणों ने हाथियों की गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने और प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।



