पूर्वी सिंहभूम। वैज्ञानिक अनुसंधान एवं औद्योगिक गुणवत्ता को नई दिशा देने की पहल के तहत सोमवार को सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर और मेसर्स ओसवाल इंजीनियरिंग एंड केमिकल कंपनी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता एमओए पर हस्ताक्षर किया गया।
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इस समझौते का उद्देश्य विभिन्न ग्रेड के कोयला तथा बेंजोइक एसिड के लिए प्रमाणित संदर्भ सामग्री का स्वदेशी विकास करना है।
समझौते के तहत तैयार किए जाने वाले प्रमाणित संदर्भ पदार्थों का उपयोग देशभर की कोयला खदान प्रयोगशालाओं, विश्लेषणात्मक प्रयोगशालाओं, इस्पात और फेरो अलॉय उद्योगों, ताप विद्युत संयंत्रों एवं विभिन्न सरकारी नियामक प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता नियंत्रण सामग्री के रूप में किया जाएगा। इससे परीक्षण प्रक्रियाओं की सटीकता, विश्वसनीयता और मानकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
यह पहल केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने वाली मानी जा रही है। स्वदेशी स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित संदर्भ पदार्थ विकसित होने से आयात पर निर्भरता घटेगी और देश में परीक्षण, गुणवत्ता आश्वासन और औद्योगिक अनुसंधान की क्षमता और मजबूत होगी।
समझौता हस्ताक्षर समारोह में सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी सहित डॉ एसके पाल, डॉ एके उपाध्याय, रूपा दास बिस्वास, डॉ राजेन कुंडू, डॉ बीना, डॉ मोहम्मद आरिफ और सरोज कुमार उपस्थित थे।



