पूर्वी सिंहभूम। लगातार मूसलाधार बारिश के बीच बागबेड़ा में बाढ़ का पानी करीब 30 घरों में घुस गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दूसरी ओर खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3.08 मीटर ऊपर पहुंच जाने और लगातार बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।
यह भी पढ़े : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आईआईटी मण्डी के निदेशक ने की मुलाकात
मंगलवार को जिला भाजपा नेता सुबोध झा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण बागबेड़ा क्षेत्र में स्थिति बिगड़ती जा रही है। कई घरों में पानी प्रवेश कर जाने से लोगों को अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन से तत्काल राहत और जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार आदित्यपुर स्थित खरकई ब्रिज पर नदी का जलस्तर 132.08 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 129.00 मीटर है। इस तरह खरकई नदी खतरे के निशान से 3.08 मीटर ऊपर बह रही है और इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर से जमशेदपुर और आदित्यपुर के निचले एवं नदी किनारे के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
गंजिया बैराज की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। पानी की भारी आवक को देखते हुए बैराज के सभी 15 गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बैराज से करीब 4251.74 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नदी में पानी का दबाव और बढ़ने की संभावना है।
बागबेड़ा सहित अन्य निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बच्चों को विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर नहीं जाने देने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।



