रांची। आज दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का 82 वां जन्म दिवस मना रहे हैं। झारखंड और यहां रहने वाले गरीबों, मजदूरों, मजबूरों, किसानों, दलितों, आदिवासियों- मूल वासियों के लिए आज का यह दिन काफी महत्वपूर्ण है। यह पहला मौका है, जब बाबा के बिना उनकी जयंती मना रहे रहे हैं। दिशोम गुरु जी भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके आदर्श, विचार, संघर्ष, त्याग और बलिदान हमेशा जीवंत रहेंगे। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की 82 वीं जयंती के अवसर पर टाना भगत इनडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर आयोजित संवाद कार्यक्रम में रविवार को नौजवानों से कहा कि आप एक कदम आगे बढ़ें, सरकार आपको 10 कदम आगे ले जाएगी। आपको अपनी मंजिल तक पहुंचाएंगे, यह हमारा वादा है, क्योंकि हम गुरुजी के सिपाही हैं।
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गुरुजी की एक आवाज पर लोग सड़कों पर उतर आते थे
मुख्यमंत्री के कहा कि झारखंड की धरती वीर – शहीदों की धरती रही है। इस धरती ने भगवान बिरसा मुंडा और सिदो- कान्हू जैसे अनेकों वीर – सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने देश की आजादी से लेकर जल जंगल जमीन की रक्षा और झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में अपनी कुर्बानियां तक दे डाली। इन्हीं में एक शख्सियत थे – दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी। उन्होंने एक ओर झारखंड अलग राज्य के आंदोलन का नेतृत्व करते हुए धार दी तो दूसरी तरफ समाज सुधारक के रूप में महाजनी प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ बिगुल फूंका डाला था। उनकी एक आवाज पर कोने-कोने से आदिवासी – मूलवासी सड़कों पर उतर आते थे। लोगों को उनका हक- अधिकार दिलाने और आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करने के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया था।
इस राज्य में अपार संभावनाएं हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में अपार संभावनाएं हैं यहां के गांव से शहर तक क्षमताओं में कोई कमी नहीं है। खनिज संपदा से लेकर पर्यटन, शिक्षा, खेल समेत तमाम क्षेत्रों में हम काफी आगे तक जा सकते हैं। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमने देखा भी है कि आजादी के पहले से लेकर अब तक यहां के खिलाड़ियों ने कितनी ऊंचाइयों को छुआ है। ऐसे में हमारी सरकार अपनी संभावनाओं,क्षमताओं और प्रतिभाओं को सशक्त और मजबूत करने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने लंबा संघर्ष कर हमें अलग राज्य दिया। अब इस राज्य को सजाने संवारने और आगे ले जाने जिम्मेदारी हमारे ऊपर है। लेकिन, आप सभी के सहयोग के बिना हम अपने राज्य को अग्रणी राज्य नहीं बना सकते हैं। सिर्फ सरकार के भरोसे यह संभव नहीं है। इसमें नौजवानों को सहभागी बनना होगा।
हर बच्चा शिक्षित हो इसी लक्ष्य के साथ बढ़ रहे हैं आगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का हर बच्चा शिक्षित हो इसी लक्ष्य के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। आज बच्चों का ज्ञानवर्धन करना बेहद जरूरी है। इसे लेकर ही हमारी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े कदम उठाए हैं। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, विदेश में उच्च शिक्षा के लिए शत प्रतिशत स्कॉलरशिप, सभी जिलों में बड़े पुस्तकालयों की स्थापना हुई है और उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए हैं जहां गरीब बच्चे गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने आगे कहा सरकार के सहयोग से आज आदिवासी दलित का बच्चा विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहा है, जो पहले उनके लिए एक सपना हुआ करता था।
देश का पहला राज्य जो मामूली ब्याज दर पर 15 लाख रुपए तक दे रहा शिक्षा ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जो गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को महज 4 प्रतिशत सामान्य ब्याज पर 15 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अन्य राज्यों में तो शिक्षा ऋण की राशि भी कम है और ब्याज दर भी ज्यादा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस योजना का लाभ लें और दूसरों को भी इसके फायदे बताते हुए इस योजना से जोड़ने की पहल करें।
हमें पढ़ना है और आगे बढ़ना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और आर्थिक तंगी की वजह से कई बार बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। वह अपने माता-पिता के साथ मजदूरी करते है और पलायन करने के लिए भी मजबूर होते हैं। यह काफी चिंता की बात है। ऐसे में हमारी सरकार हर बच्चे को शिक्षित करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। क्योंकि, जब तक बच्चे पढ़ेंगे नहीं, आगे बढ़ेंगे नहीं।
आपके पास ताकत भी है और क्षमता भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अलग बने 25 वर्ष हो चुके हैं। उस साल जिन्होंने जन्म लिया होगा, वे आज 25 साल के नौजवान हो चुके हैं। इस उम्र में में आपके पास ताकत और क्षमता भरपूर होगी, लेकिन अगर आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिलेगा तो काफी प्रतिभा होने के बाद भी आपको भटकने में देरी नहीं लगेगी। वहीं, आपाधापी के इस युग में आपका निर्णय ही आपको आगे ले जा सकता है। ऐसे में हम आपको एक ऐसे रास्ते पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं जहां से आप अपने को मजबूत साबित कर सकें।
सिर्फ सरकारी नौकरियों के भरोसे खड़ा नहीं करना चाहते
मुख्यमंत्री ने नौजवानों से कहा कि आपको हम सिर्फ सरकारी नौकरियों के भरोसे खड़ा नहीं करना चाहते हैं। हम आपको उस स्थिति में खड़ा करना चाहते हैं, जब आप देश- दुनिया में कोई भी प्रतिस्पर्धा हो, वहां अपने आप को अव्वल साबित कर सकें। इसीलिए, हमने एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश की है, जहां आप अपनी प्रतिभा ताकत और क्षमता का पूरा सदुपयोग कर सकें।
मुख्यमंत्री के हाथों मिली ये सौगातें
1- गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत आज 55 लाभार्थियों को लगभग 12 करोड़ रुपए का शिक्षा ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। विदित है कि दो वर्ष पहले शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक 2430 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु इसका लाभ उपलब्ध कराया जा चुका है। यह राज्य सरकार की एक ऐसी गारंटेड योजना है, जिसके तहत महज 4 प्रतिशत सामान्य ब्याज की दर पर 15 लाख रुपए तक का शिक्षा लोन दिया जाता है।
2- सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की उपयोगिता और सहभागिता बढ़ाने के लिए पब्लिक डैश– बोर्ड तथा एनआईटी, जमशेदपुर द्वारा एआई आधारित चैट बोर्ड का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ।
3- सीएम फैलोशिप का एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के तहत आज 23 रिसर्च स्कॉलर्स को मिला 25- 25 हजार रुपए की स्कॉलरशिप राशि। विदित हो कि पिछले वर्ष शुरू की गई इस योजना के लिए अब तक 52 रिसर्च स्कॉलर्स का चयन हो चुका है। उन्हें शोध कार्य हेतु हर महीने 25- 25 हजार रुपए स्कॉलरशिप मिलती है।
4- मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “द ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम” का भी शुभारंभ किया। दो महीने के इस इंटर्नशिप स्कीम के तहत स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को 17 हजार इंटर्नशिप के अवसर प्राप्त होंगे। उन्हें प्रोत्साहन स्टाइपेंड के रूप में 10 हजार रुपए भी दिए जाएंगे। इस स्कीम के अंतर्गत विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। इसमें चार-चार विद्यार्थियों की टीम बनाई जाएगी, जो राज्य के सभी 4345 पंचायत में जाकर स्थानीय नवाचार, पारंपरिक ज्ञान, लोक एवं हस्तकला समेत उन व्यक्तियों की पहचान करेगी, जो इसके संवाहक हैं। उनके द्वारा एकत्रित जानकारी को व्यवस्थित कर विलेज नॉलेज रजिस्टर में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि उसकी जानकारी और लाभ लोगों तक पहुंचाई जा सके।
4- बोकारो के जिला रामरूद्र मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में मास्टर सोबरेन मांझी जिला पुस्तकालय का उद्घाटन एवं मानव शास्त्र विशेषकर विश्वस्तर पर आदिवासी जनजीवन के अध्ययन पर केंद्रित गुरूजी रात्रि पाठशाला की भी मुख्यमंत्री ने शुरुआत की। पहले चरण में प्रतिदिन रात्रि 8 बजे तक यह पुस्तकालय संचालित रहेगा।
5- मुख्यमंत्री ने बोकारो के चास नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सोलगडीह स्थित बाबा वैद्यनाथ वृद्ध सेवा आश्रम के समीप ‘गुरूजी वाटिका’ का ऑनलाइन शुभारंभ कर इसे बुजुर्गों को समर्पित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यहां रहने वाले बुजुर्गों के साथ ऑनलाइन संवाद भी किया।




