बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शून्य से सात वर्ष तक के उन बच्चों को नियमित टीकाकरण से जोड़ने के लिए बुधवार से ‘टीका उत्सव’ अभियान की शुरुआत की गई, जो किसी वजह से टीकाकरण से छूट गए थे। जिला महिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विश्राम सिंह ने फीता काटकर अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 31 दिसंबर तक जिलेभर में चलाया जाएगा।
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सीएमओ ने कहा कि बच्चों का नियमित टीकाकरण 12 जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा कवच प्रदान करता है। इससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कुपोषण से बचाव होता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि टीका उत्सव में अपने बच्चों को अवश्य लेकर आएं और जिम्मेदार परिवार व समाज का हिस्सा बनें। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क टीके लगाए जाते हैं और टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही लोगों से आसपास ऐसे बच्चों को चिन्हित करने की अपील की, जो टीकाकरण से वंचित रह गए हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि अभियान के दौरान पेंटा-1, एमआर-1 और एमआर-2 टीके 11,512 बच्चों को लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में विशेष सूची बनाकर छूटे हुए बच्चों को चिह्नित करेंगी। सत्र से एक दिन पूर्व उनके परिवारों से संपर्क कर बच्चों को सत्र स्थल पर लाया जाएगा। महिला आरोग्य समितियों की बैठकों में माताओं और अभिभावकों को पूर्ण टीकाकरण के लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें। सिविल सोसायटी, जनप्रतिनिधि, कोटेदार और धर्मगुरु भी अभियान में सहयोग देंगे। साथ ही उन्होंने यूविन पोर्टल पर बच्चों का पंजीकरण कराकर डिजिटलीकृत टीकाकरण सर्टिफिकेट प्राप्त करने की अपील की।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, डॉ. अजमेर सिंह, मो. अकबर, यूनीसेफ से मो. इरशाद, गावी से शालिनी बिष्ट, जेएसआई के प्रतिनिधि, डब्ल्यूएचओ से डॉ. पी.वी. कौशिक व यूएनडीपी टीम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।


