हजारीबाग। विकसित भारत–जी राम जी योजना को लेकर शनिवार को शहर के प्रोवेश रिसॉर्ट में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि वीबी–जी राम जी (विकसित भारत रोजगार गारंटी आजीविका मिशन) ग्रामीण भारत के लिए एक नई शुरुआत है, जो रोजगार, बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भरता को एक साथ मजबूती देगा।उन्होंने बताया कि यह नया कानून मनरेगा की जगह लेने वाला है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी, जो वर्तमान व्यवस्था से 25 दिन अधिक है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन को साकार करना है।
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सांसद ने कहा कि योजना के अंतर्गत गांवों में सड़क निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना और आजीविका संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मजदूरी भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य होगा। भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा देने का भी प्रावधान रखा गया है।उन्होंने बताया कि कृषि मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को 60 दिनों की विराम अवधि का विकल्प दिया गया है, ताकि किसान बुवाई और कटाई के समय कृषि कार्यों में जुट सकें। केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में साझेदारी होगी, जबकि पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 तय किया गया है।सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि वीबी–जी राम जी अधिनियम 2025 के माध्यम से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, तकनीक आधारित पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उच्च गुणवत्ता वाली ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।प्रेस वार्ता में बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।






