झारखंड: प्रधान के बेटे ने फर्जीवाड़ा कर लिया नौकरी और 30 लाख का मुआवजा

0 688

गोड्डा। जिले के बोआरीजोर प्रखंड अंतर्गत डहुआ गांव में ईसीएल के द्वारा खुलने वाली नई हुर्रा सी प्रोजेक्ट में फर्जीवाड़ा कर एक अनपढ़ परिवार से नौकरी एवं मुआवजा हड़पने का मामला प्रकाश में आया है।

मिली जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय बहामय मरांडी की 22 वर्षीय पुत्री बासमती मुर्मू को अपनी मां बनाकर 45 वर्षीय आदित्य मरांडी ने ईसीएल में नौकरी एवं 30 लाख रुपये का मुआवजा हड़प लिया। बताया जाता है कि आदित्य मरांडी के पिता रहुआ गांव के प्रधान हैं, जिन्होंने एक सुनियोजित तरीके से राजस्व कर्मचारी को मिलाकर पूरे मामले को अंजाम दिया है। ग्राम प्रधान सुशील मरांडी अपने दोनों पुत्रों को बासमती मुर्मू का पुत्र वंशावली में घोषित करवा दिया एवं उसी के आधार पर आदित्य मरांडी को ईसीएल में नौकरी दिलवा दी।

इस बात की जानकारी जब जमीन दाता बहामय मांरडी एवं उसकी पुत्री बासमती मुर्मू को मिली तो उसने आदित्य मरांडी से अपने जमीन के कागजात मांगने शुरू किए काफी मेहनत के बाद उसे अपने जमीन के कागजात मिल सके हैं। पूरे मामले को लेकर ललमटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

उल्लेखनीय है कि इस प्रकार के कई मामले अब तक प्रकाश में आ गए हैं जिसमें गलत तरीके से वंशावली बनाकर नौकरी लेने का कार्य किया गया है। बताया जाता है कि सारा कार्य अंचल कार्यालय एवं ईसीएल कार्यालय के साथ मिलीभगत कर कराया जाता है। पूरे मामले की यदि उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो मामले में कई लोग आएंगे उसकी नौकरी चली जाएगी। आदिवासी गरीब एवं निरक्षर लोगों के दोहन का कार्य कब रुकेगा यह यक्ष प्रश्न आज यहां खड़ा है।