रांची। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए )की विशेष कोर्ट में आत्मसमर्पण के चार साल बीतने के बाद सरेंडर कर चुके नक्सली कुंदन पाहन ने कोर्ट से जमानत की गुहार लगायी है। कुंदन पाहन ने एनआईए कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की है। सरेंडर कर चुके हार्डकोर नक्सली कुंदन पाहन की जमानत याचिका पर छह जुलाई को सुनवाई होगी। रांची एनआईए की विशेष कोर्ट ने कुंदन पाहन की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए छह जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री और तमाड़ के तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या समेत कई चर्चित घटनाओं को अंजाम देने के आरोपी कुंदन पाहन फिलहाल ओपन जेल में है। कुंदन पाहन अपने गांव लौटकर परिवार के साथ समय बिताना चाहता है। इसलिए जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। कुंदन पाहन के अधिवक्ता ईश्वर दयाल किशोर के मुताबिक, कुंदन पाहन ने अपनी कस्टडी की अवधि को जमानत का आधार बनाकर न्यायालय से उसे जमानत देने की गुहार लगाई है। मालूम हो कि कुंदन पाहन ने राज्य सरकार की सरेंडर नीति के तहत वर्ष 2017 में तत्कालीन एसएसपी कुलदीप द्विवेदी सहित कई वरीय अधिकारियों के समक्ष डीआईजी कार्यालय परिसर में आत्मसमर्पण किया था। उसके बाद जेल में रहकर कुंदन ने विगत विधानसभा चुनाव में भी बुंडू से अपनी किस्मत आज़मायी थी। लेकिन उसे जनता का समर्थन नहीं मिला। 5 करोड़ नकद सहित एक किलो सोने की लूट,स्पेशल ब्रांच के इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार और पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या के अलावा कुंदन पाहन के ऊपर कई दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। कुंदन पर झारखंड पुलिस ने 15 लाख रूपये का इनाम रखा था।
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