Ranchi: झारखंड के हाटी गाँव, उदरूँगी पंचायत, भंड्रा, लोहारदगा ग्राम सभा ने सर्वसम्मिति से सूचना पट्टा लगाने का निर्णय लिया है। यह ऐतिहासिक निर्णय ग्राम सभा का अनुच्छेद 25 तहत संवैधेनिक अधिकार है। अपने पूर्वजों की धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिये यह ग्राम सभा का मज़बूत संकल्प है।
भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची (5th Schedule) और पेसा कानून के धारा 4 (घ) तथा पेसा नियमावली के धारा 23 (i) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए स्थानीय ग्राम सभा द्वारा गाँव की सीमा पर लगाया गया होर्डिंग (सूचना पट्ट) कानूनी और संवैधानिक रूप से पूरी तरह वैध घोषित हो चुका है। छतीसगढ़ उच्च न्यायालय (High Court) और तत्पश्चात माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने इस बोर्ड को पूरी तरह संवैधानिक (Constitutional) मानते हुए ग्राम सभा के अधिकार को बरकरार रखा है। अतः संविधान तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय तहत ग्राम सभा का निर्णय सर्वोच्च है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम सभा द्वारा गाँव की परंपराओं, संस्कृति और सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण के लिए यह होर्डिंग लगाने का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जहां माननीय उच्च न्यायालय ने पेसा कानून की धारा 4(d) का हवाला देते हुए इसे पूरी तरह वैध ठहराया। पेसा की यह धारा ग्राम सभा को अपनी परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक संपदा की सुरक्षा एवं संरक्षण करने का विशेष और अनन्य अधिकार देती है। इसके बाद, माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने भी इस फैसले पर अपनी मुहर लगाते हुए बोर्ड को पूरी तरह ‘संवैधानिक’ घोषित किया।
सनातनी और सरना समाज की अटूट एकता का अनूठा उदाहरण
इस गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक कार्य में स्थानीय सनातनी परिवारों ने बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया है। विशेष रूप से क्षेत्र के प्रतिष्ठित यादव और शाहदेव परिवारों ने इस बोर्ड / होर्डिंग को स्थापित करने में तन-मन-धन से सहयोग कर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यह सहयोग इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि क्षेत्र का सरना समाज और सनातन समाज अलग नहीं हैं, बल्कि दोनों की जड़ें एक ही भारतीय संस्कृति और आपसी सद्भाव से जुड़ी हुई हैं। यादव और शाहदेव परिवारों के इस सहयोग ने कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा समाज को बांटने की कोशिशों को पूरी तरह विफल कर दिया है और ‘सरना-सनातन एकता को एक नई ऊर्जा दी है।
मौके पर अतिथि के रूप में निशा उराँव, सनी टोप्पो, राज़ी पड़हा प्रार्थना सभा के सदस्यः जलेश्वर उराँव, बिरसा उराँव, सुधु भगत, सोमे उराँव, सोमदेव उराँव, कृष्ण भगत, सुकेन्द्र उराँव, कांति उराँव, मानकी उराँव, गाँव वासी विद्यासागर पाहन (ग्राम प्रधान तथा पाहन), मंजन उराँव जोख बेल, प्रकाश उराँव, मनीष उराँव, लाल भीम शाहदेव, अनिल यादव, अमित यादव, आकाश यादव आदि शामिल हुए।




