स्वदेश संवाददाता
हजारीबाग। समाजसेवी मनोज गुप्ता ने बताया कि हजारीबाग नगर निगम छेत्र अंतर्गत बड़ा बाजार थाना स्थापित करने के लिए आरक्षी अधिक्षक हजारीबाग द्वारा पत्रांक 1224/सा.शा., 1226/सा.शा.,दिनांक 24.12.2021 एवं अंचल अधिकारी सदर पत्रांक 48 दिनांक 09.01.2024 के आलोक में हजारीबाग जिले के सदर अंचल मौजा कैंटोनमेंट के खाता संख्या 196, प्लॉट संख्या 722,गैर मजेरूवा खास किस्म की भूमि है। वर्णित 50 डिसमिल भूमि हजारीबाग उपायुक्त द्वारा पत्रांक संख्या दिनांक 09.02.2024 को बड़ा बाजार थाना के लिए चिन्हित कर हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू किया गया था।इसकी प्रक्रिया शुरू होते ही एकाएक इस भूमि के पिछे अवस्थित अंग्रेजों द्वारा निर्मित इंग्लिश मीशन का चर्च के वर्तमान संचालक मंडल की नजर पड़ी तो उनको भी इस बेसकीमती खाली भूमि का लालच हुआ और उन्होंने 08.04.2024 को उक्त भूमि में से 35 डी. सचिव संत स्टीफेन चर्च,सीएनआई हजारीबाग के नाम से करने का आवेदन अपर समाहर्ता को दे दिया।उनका कहना है कि चर्च आने-जाने वालों को अपना वाहन लगाने के लिए यह भूमि पार्किंग के लिए चाहिए, और उनके आवेदन पर जिला प्रशासन कोई निर्णय लेता उसके पहले ही उन्होंने इस पूरे 50 डी० सरकारी भूमि को कब्जा कर चार दिवारी दे दिया और धार्मिक प्रतीक क्रॉस चिन्ह लगा दिया। जबकि इस भूमि से सटे चर्च के पास 2.5 एकड़ भूमि है जो कि केशरे हिंद है। यह भूमि इंग्लिश मिशन के नाम से सर्वे खतियान में दर्ज है, पर्याप्त भूमि रहने के बाद भी अमन चैन के माहौल को खराब कर अनावश्यक रूप से धार्मिक भावना भड़़का कर भूमि को अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। जबकि इस भूमि को पार्किंग सुविधा के लिए मांगा गया था।बड़ा बाजार थाना के लिए आवंटित यह भूमि 25 करोड़ की सरकारी संपत्ति है हजारीबाग में सरकारी जमीन को कब्जा करने का कई हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, पर्दा लगाकर बड़े-बड़े भूखंड कब्जा किया जा रहा है। प्रशासन दबाव में सरकारी जमीन नहीं बचा पा रही है। धार्मिक उन्माद फैलाकर भूमि कब्जा करने की नई शुरुआत हुई है, कल दूसरे लोग भी ऐसा ही करेगें।जब जिला प्रशासन थाना के लिए आवंटित जमीन नहीं बचा सकती है तो आम आदमी को न्याय कैसे मिलेगा। इस भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाय नहीं तो उच्च न्यायालय ने शरण में जायेगें।
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