दस दिनों में 279 आदिवासी युवक-युवतियों को प्रशिक्षण के बाद मिला रोजगार

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रांची। झारखंड के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवार से आने वाले बेटे- बेटियों को गरीबी के कुचक्र से बाहर निकाल कर आधुनिक प्रशिक्षण देकर सुरक्षित रोजगार देने के लिए राज्य सरकार के मार्गदर्शन में कल्याण गुरुकुल नित्य नये आयाम गढ़ रहा है। एक से 11 अप्रैल के बीच 279 युवाओं को कल्याण गुरुकुल ने प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार उपलब्ध कराया है। इनमें 151 युवकों को कंस्ट्रक्शन और मैन्युफैक्चरिंग एवं 128 युवतियों को सिलाई मशीन ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ है। नियुक्ति के साथ ही युवाओं को 20,056 रुपये सीटीसी एवं युवतियों को 16,554 रुपये सीटीसी मिलेगा। इसके बाद इनकी कार्यदक्षता के अनुरूप सैलरी में बढ़ोतरी की जाएगी।

26 छात्राओं को मॉर्फो निटवीयर में मिला प्लेसमेंट

2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा शुरू किए गए कल्याण गुरुकुल से उनके वर्तमान कार्यकाल में अब तक 15 हजार से अधिक युवक-युवतियों को रोजगार मिल चुका है। इनमें से 150 से अधिक युवतियों को कल्याण गुरुकुल रामगढ़ और पतरातु से रोजगार मिला। इस कड़ी में कल्याण गुरुकुल कांके में प्रशिक्षण प्राप्त हुनरमंद 26 छात्राओं को तमिलनाडु के तिरुपुर स्थित मॉर्फो निटवीयर कंपनी में प्लेसमेंट मिला। सिलाई में कुशल इन छात्राओं को अच्छे मानदेय, बेहतर सुविधा और सुरक्षित माहौल में काम उपलब्ध करना सुनिश्चित किया गया है।
छह भाषा में मिल रही जानकारी

राज्य के ज्यादा से ज्यादा युवक युवतियों को कल्याण गुरुकुल से जुड़कर अपनी जिंदगी बेहतर करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इस संबंध में कल्याण गुरुकुल के जनसंपर्क अधिकारी आलोक पाण्डेय ने बताया कि युवा अब फोन नंबर 6204800180 पर कॉल कर प्रशिक्षण एवं रोजगार के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जानकारी हिंदी के साथ-साथ संथाली, हो, नागपुरी, बंगाली और अंग्रेज़ी भाषा में उपलब्ध है। राज्य के जरूरतमंद युवक-युवती प्रशिक्षण एवं रोज़गार के बारे में जानकारी ले सकते हैं।