रांची। रांची के कांके रोड स्थित रांची इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूरो-साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज (रिनपास) में स्थायी निदेशक की नियुक्ति नहीं होने के मामले में दाखिल जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। उत्तम कुमार की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार से 11 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।
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याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एलसीएन शाहदेव ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। याचिका में कहा गया है कि रिनपास में वर्ष 2007 से स्थायी निदेशक की नियुक्ति नहीं हुई है। इतने लंबे समय से संस्थान का संचालन प्रभारी निदेशक के भरोसे किया जा रहा है।
याचिका में प्रभारी निदेशक को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रार्थी की ओर से कहा गया है कि प्रभारी निदेशक पर आरोप हैं, इसके बावजूद संस्थान का संचालन उनके माध्यम से किया जा रहा है। याचिका में इस व्यवस्था को संस्थान के प्रशासनिक हित में उचित नहीं बताया गया है।
प्रार्थी ने रिनपास में कर्मचारियों की स्थिति का भी उल्लेख किया है। याचिका में दावा किया गया है कि संस्थान में करीब एक तिहाई कर्मचारी अस्थायी हैं और इनके माध्यम से कामकाज संचालित किया जा रहा है। लंबे समय से स्थायी निदेशक नहीं होने और बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारियों के सहारे काम चलने को लेकर याचिका में संस्थान की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से रिनपास में स्थायी निदेशक की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है। प्रार्थी का कहना है कि संस्थान में लंबे समय से स्थायी निदेशक नहीं होने के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 11 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अब सरकार के जवाब के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है।



