नई दिल्ली : चीन में कोरोना के विस्फोट ने एक बार फिर लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। कोरोना से चीन में भयावह स्थिति हो गई है। हालात बेकाबू हो चुके हैं। अस्पतालों में लोगों के लिए बेड नहीं मिल रहा है। पूर्वोत्तर चीन इलाकों के अस्पतालों में लाशों का अंबार लगा है। लोग जमीन पर लेटकर इलाज कराने को मजबूर हैं। कई एक्सपर्ट कह रहे हैं कि चीन में हालात साल 2019 से भी बदतर हो चुके हैं। अनुमान है कि चीन में कोरोना से 20 लाख लोगों की मौत हो सकती है। वहीं, 80 करोड़ लोगों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका भी जताई गई है। चीन में कोरोना की विस्फोटक स्थिति को लेकर अमेरिका के महामारी एक्सपर्ट एरिक डिंग ने कहा कि चीन में कोरोना को लेकर जो होता है वह सिर्फ चीन तक ही सीमित नहीं रहता है। तीन साल पहले जो वुहान में हुआ था उसे दुनिया ने देखा है। डिंग ने कहा कि दुनिया में आने वाले समय में इसका असर कम नहीं रहने वाला है। साल 2019 में जब वुहान में कोरोना का पहला केस आया था उसके कुछ महीने बाद ही भारत में भी कोरोना संक्रमित मिलने लगे थे। कोरोना संक्रमण की लहर सर्दियों में तेज हो जाती है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि जब पड़ोस में कोरोना भयावह स्थिति में पहुंच चुका है तो क्या भारत को भी इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। दुनिया में कोरोना कई तरह के वैरिएंट सामने आए हैं। इसके बावजूद भारत में यह बीमारी कम होती दिख रही है। हालांकि, देश में कोरोना का खतरा कम नहीं हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि आने वाले सर्दियों के महीनों में कोविड चिंता का विषय बना रहेगा।
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