कटिहार। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष रणवीर सिंह के मार्गदर्शन में कटिहार जिले के 91 चिन्हित सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), शिक्षा विभाग एवं तटवासी समाज न्यास की ‘कवच परियोजना’ के संयुक्त तत्वावधान में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग कर बाल शोषण, बाल विवाह व बाल श्रम पर रोक लगाना तथा सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।
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न्यायिक पदाधिकारियों ने सीधे संवाद कर दी कानूनी जानकारी
अभियान के दौरान जिले भर के विद्यालयों में न्यायिक पदाधिकारियों ने स्वयं पहुंचकर बच्चों से सीधा संवाद स्थापित किया। इनमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी) संदीप मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम महेंद्र प्रसाद यादव, एडीजे सह उत्पाद अधिनियम प्रथम संजय कुमार, द्वितीय सौरभ सिंह, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) जितेंद्र कुमार, एडीजे सप्तम सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो द्वितीय) प्रदीप कुमार चौधरी, मुंसिफ राहुल दत्ता, रेलवे दंडाधिकारी गौरव कुमार, किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान दंडाधिकारी विशुधा प्रकाश, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सनम हयात, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आशीष कुमार व वेद प्रकाश तिवारी तथा द्वितीय श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी समस रजा सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को कानून के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
पॉक्सो एक्ट और ‘गुड टच-बैड टच’ पर विशेष परिचर्चा
कार्यक्रमों में बच्चों को पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून, बाल श्रम उन्मूलन, बाल अधिकार एवं लैंगिक अपराधों से बचाव के कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं को ‘गुड टच और बैड टच’ में अंतर पहचानने, आत्मरक्षा के उपाय अपनाने तथा किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक शोषण के खिलाफ बेझिझक आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, सदस्य अरुण कुमार चौबे, अरुणा मजूमदार, रवींद्र कुमार सहित श्रम विभाग के अधिकारियों और पुलिस प्रतिनिधियों ने भी बच्चों को सुरक्षा व्यवस्था व कानूनी संरक्षण की जानकारी दी।
आपात हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग और त्वरित मदद की दी गई सीख
विद्यार्थियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए नालसा विधिक सहायता हेल्पलाइन (15100), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) और महिला हेल्पलाइन (181) के व्यावहारिक उपयोग के बारे में बताया गया। डीएलएसए सचिव कमलेश सिंह देऊं ने शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधनों से अपील की कि बाल अधिकारों के हनन या बच्चों के हितों से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना तत्काल प्राधिकार को दें, जिससे पीड़ित बच्चों को अविलंब निःशुल्क विधिक सहायता और सुरक्षा मुहैया कराई जा सके।


