फुटबॉल के प्रति दीवानगी ने गोलकीपर अंजली मुंडा को दिलाया मुकाम

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रांची। झारखंड के नामचीन खिलाड़ियों की सूची में रांची के कांके के नवा सोसो की रहने वाली अंजली मुंडा का नाम भी अब शामिल हो गया है। अंजली मुंडा गोलकीपर है। अंजली का चयन अंडर-17 विश्वकप फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम के कैंप में हुआ है।

अंजली मुंडा मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उसकी रुचि बचपन से ही फुटबॉल खेल के प्रति रही है। इसमें उसके परिवार का काफी सहयोग रहा है। इस संबंध में अंजली मुंडा के पिता मंटू मुंडा ने बताया कि अंजली बचपन से ही फुटबॉल खेलने में माहिर थी। उसको देखकर ऐसा लगता था कि वह एक दिन झारखंड का नाम रोशन करेगी। आज हमलोगों को बहुत खुशी है कि उसका चयन फीफा अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप 2022 के लिए किया गया है। हमें उम्मीद है कि वह वर्ल्ड कप में अच्छा प्रर्दशन करेगी। उसके चयन होने पर हमें गर्व महसूस हो रहा है।
उन्होंने बताया कि अंजली मुंडा की उम्र 17 साल है। उसकी मां वीणा देवी गृहणी है। वीणा देवी ने बताया कि बचपन से ही अंजली का फुटबॉल के प्रति अलग ही दीवानगी थी। उसे परिवार के सभी लोग फुटबॉल खेलने में सहयोग करते थे। वह सुबह से उठकर फुटबॉल खेला करती थी। उसके फीफा अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप 2022 में चयन होने पर काफी गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि अंजली शुरु में रातू के सौंडिल्य स्कूल में पढती थी। इसके बाद गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में पढने लगी।

अंजली के पिता मंटू मुंडा ने बताया कि सरकार से अलग से कुछ लाभ नहीं मिला है। सरकार से लाभ में राशन कार्ड से जो अनाज मिलता है। बस वहीं मिलता है। मंटू मुंडा ने बताया कि वह स्कूल से ही फुटबॉल खेलती थी। स्कूल से ही वह बहुत अच्छा खेलती थी। उसके सलेक्शन पर गांव में भी खुशी का माहौल है। मंटू मुंडा ने कहा कि वह किसान है और एक मुर्गा का दुकान भी चलाते है।
उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे है। सबसे बडी अंजली मुंडा और दो भाई है, अनुज मुंडा और अनुप मुंडा है। दोनों भाई बिरसा उच्च विद्यालय में पढते है। अंजली के पिता मंटू मुंडा ने बताया कि वर्ष 2004 में उनकी घर की हालत खराब थी। बावजूद इसके उन्होंने अंजली को पढ़ाया और पैसे की कभी कमी उसके सामने नहीं आने दी। इसके लिए उन्होंने कई वर्षों तक मजदूरी भी किया। किसी तरह स्कूल का फीस जुगाड़ कर वह बच्चों को पढ़ाते थे। फिलहाल, अंजली रांची के मोरहाबादी के साई में ही रहकर फुटबॉल का प्रशिक्षण ले रही है। उसके पहले उसने अजय कोच से प्रशिक्षण लिया है। अंजली 12 वीं कक्षा में पढ़ती है।

उल्लेखनीय है कि झारखंड की सात जूनियर महिला खिलाड़ी का चयन अंडर-17 विश्वकप फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम के कैंप में हुआ है। इनमें गोलकीपर अंजली मुंडा (रांची), डिफेंडर सलीना कुमारी (गुमला), सुधा तिर्की, अष्टम उरांव (लोहरदगा), पूर्णिमा कुमारी (सिमडेगा), अंकिता तिर्की (गुमला), विंगर अनिता कुमारी (रांची) और मिडफिल्डर नीतू लिंडा (रांची) शामिल है।