रांची। झारखंड के कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने राज्य के पशुधन बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में कांके, रांची स्थित ऐतिहासिक बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार किया गया है।
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बैठक में आईसीएआर -राष्ट्रीय मांस अनुसंधान संस्थान (एनएमआरआई), हैदराबाद के निदेशक डॉ एसबी बरबुधे, प्रधान वैज्ञानिक डॉ एम मुथुकुमार, पशुपालन विभाग के निदेशक रोबिन टोप्पो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस परियोजना को उच्च प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। फैक्ट्री के आधुनिकीकरण और त्वरित क्रियान्वयन ( फास्ट – ट्रेकिंग ) के लिए एनएमआरआई, हैदराबाद के विशेषज्ञों और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित की गई है, जो आगामी कुछ हफ्तों में एक ठोस कार्य योजना सौंपेगी।
मंत्री शिल्पी ने फैक्ट्री को पर्यावरण-अनुकूल और जीरो-वेस्ट (शून्य अपशिष्ट) प्रसंस्करण इकाई बनाने पर विशेष जोर दिया है। इसके लिए अत्याधुनिक इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और उन्नत रेंडरिंग प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी।
यह रेंडरिंग प्लांट बूचड़खाने के उप-उत्पादों को उच्च प्रोटीन वाले पशु आहार घटकों में बदलकर व्यावसायिक लाभ सुनिश्चित करेगा।
परिसर में एक समर्पित प्रशिक्षणार्थी हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को आधुनिक मांस प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा सके।
मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस प्रोजेक्ट को एक ऐसे व्यावसायिक मॉडल के रूप में संचालित करें जो भविष्य में सरकारी अनुदान पर निर्भर न रहे। कांके बेकन फैक्ट्री को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और संस्थागत बिक्री के माध्यम से वित्तीय स्वायत्तता और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पुनरुद्धार केवल एक संयंत्र को शुरू करना नहीं, बल्कि पशुपालकों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया जरिया है।
पशुधन आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए, मंत्री ने राजकीय पशुधन फार्मों को ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के साथ जोड़ने का निर्देश दिया है। इसके तहत, सरकारी फार्म नर्सरी के रूप में कार्य करेंगे, जहां से लाभार्थियों को रोग-प्रतिरोधी और उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही, बेकार हो गए उपकरणों की नीलामी और नई तकनीकी निविदाओं की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया है।




