पलामू। जिले के पुलिसलाइन रोड स्थित होमगार्ड के मुख्य कार्यालय में पहचान पत्र बनाने के नाम पर बुधवार को अवैध तरीके से 300 रूपए लिए जाने का मामला सामने आया है। सभी होमगार्ड जवानों से 300 सौ रूपए अधिक लिए गए। अवैध वसूली करते वीडियो भी सामने आया है। हालांकि इस संबंध में अवैध वसूली में संलिप्त कर्मी से जब पूछा गया कि किसके निर्देश पर होमगार्ड जवानों से नाजायज राशि ली जा रही है तो कैमरे के सामने उनकी बोलती बंद हो गयी। कर्मी अटक अटक कर जवाब देते नजर आया।
यह भी पढ़े : आमजनों की हर जरूरतों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी : कृषि मंत्री
होमगार्ड जवानों के अनुसार पहचान पत्र बनाने के लिए उनसे फार्म भरवाये गए थे। फार्म जमा करने के बाद कर्मी ने सभी होमगार्ड जवानों से डिजिटल स्मार्ट कार्ड देने के नाम पर तीन-तीन सौ रूपए की वसूली शुरू कर दी। जवानों ने 300 सौ रूपए दिए। हालांकि इसी क्रम में पैसे लेते वीडियो सामने आ गया। वहीं दूर दराज से आए सैकड़ों महिला-पुरूष होमगार्ड जवान लाइन में लगकर दिन भर परेशान रहे।
पैसे ले रहे कर्मी ने बताया कि वह रांची से आया है और केवल फोटो खींचने के लिए पैसे ले रहा था। कर्मी ने बताया कि असली ठेकेदार कोई और है।
नाम नहीं छापने की शर्त पर कई होमगार्ड जवानों ने बताया कि कमान काटने के नाम पर 20 से 30 हजार रूपए तक मांगा जाता है, तब जाकर स्थायी कमान मिल पाता है जो देने में सक्षम हैं, उन्हें तो स्थायी नौकरी मिल जाती है। मगर जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके शरीर पर वर्दी रहते हुए भी बेरोजगार कर दिया जाता है।
इधर, इस संबंध में होमगार्ड कार्यालय का पक्ष जानने के लिए संबंधित कर्मी के मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन हर बार फोन काट दिया गया।


