पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के क्रम में शुक्रवार को मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर स्थित कृषि उत्पादन बाजार समिति में विकास कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को बेहतर और सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के उद्देश्य से सात निश्चय–3 कार्यक्रमों को लागू किया गया है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में एक लक्ष्य ‘सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन’ है। इसके तहत राज्य के प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में तथा जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में बेहतर शिक्षा और इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लोक–निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों को विशेष प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की जा रही है।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रगति यात्रा से संबंधित जिन योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, उनका क्रियान्वयन तेजी से किया जाए। उन्होंने कहा कि सात निश्चय–2 के तहत संचालित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तथा सात निश्चय–3 के अंतर्गत निर्धारित योजनाओं पर तत्परता के साथ कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार जनहित में लगातार कार्य कर रही है और इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। उन्होंने बताया कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जा रहा है, जिससे उन्हें काफी सहायता मिलेगी। सभी जिलों में उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार में उद्योगों को अधिक से अधिक प्रोत्साहन देना है, ताकि राज्य के युवा दक्ष, आत्मनिर्भर बनें और उन्हें व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके लिए स्टार्टअप नीति लागू की गई है, जिससे युवा अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें।
उन्होंने कहा कि सात निश्चय–3 के अंतर्गत सातवां निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ राज्य के नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को सरल और सुगम बनाने पर केंद्रित है। इस दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए उनके जीवन को बेहतर और विकसित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया, ताकि बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जा सके। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के क्रम में घोषित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी भी अधिकारियों से ली।






