झारखंड के इन तीन पंचायतों को मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार

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रांची: राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर रविवार को झारखंड की तीन पंचायतों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जायेगा। इनमें बोकारो जिले के पेटरवार की बुंडू पंचायत, गिरिडीह जिले के बिरनी की कपिलो पंचायत और बांगरकला पंचायत को नेशनल अवार्ड दिया जायेगा। दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार से भी पंचायतों को पुरस्कृत किया जायेगा। झारखंड के बोकारो जिले के पेटरवार की बुंडू पंचायत को बाल हितैषी पुरस्कार, गिरिडीह जिले के बिरनी की कपिलो पंचायत को ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान अवार्ड एवं गिरिडीह जिले के बिरनी की बांगरकला पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार दिया जायेगा। दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार जिला स्तर पर पूर्वी सिंहभूम को, प्रखंड स्तर पर खूंटी के मुरहू और पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया को एवं ग्राम पंचायत स्तर पर गिरिडीह के बिरनी प्रखंड की बांगरकला पंचायत व कपिलो पंचायत तथा पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी प्रखंड की मेरिया पंचायत को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जायेगा। खूंटी जिला परिषद, खूंटी पंचायत समिति, पूर्वी सिंहभूम के गोलमुरी सह जुगसलाई पंचायत समिति को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा गिरिडीह के गांडेय प्रखंड की बुधुडीह पंचायत, बोकारो के नावाडीह प्रखंड की चपरी पंचायत और हजारीबाग के पदमा प्रखंड की पिंडारकोम पंचायत को बेहतर कार्य के लिए दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार 2021 मिल चुका है। झारखंड के गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड की कपिलो पंचायत को उत्कृष्ट कार्यों के लिए नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार 2021 से पुरस्कृत किया गया। साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड की खुटहरी पंचायत को ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया गया। बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड की बुंडू पंचायत को बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार 2021 दिया गया। पंचायत क्षेत्र में बच्चों के लिए बेहतर कार्य करने के कारण ये सम्मान दिया गया। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर 24 अप्रैल 2018 को झारखंड के रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड की जमीरा पंचायत की मुखिया देवंती देवी को ग्रामसभा के उत्कृष्ट कार्यों को लेकर नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार दिया गया था। मध्यप्रदेश में आयोजित समारोह में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने यह पुरस्कार दिया था। उल्लेखनीय है कि हर साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। ये दिन भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के पारित होने का प्रतीक है, जो 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था। इस दिन को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत साल 2010 से हुई।