खूंटी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला समिति के अध्यक्ष जुबैर अहमद की अध्यक्षता में साेमवार काे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। कार्यक्रम में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया सहित बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
यह भी पढ़ें : रोजगार मेले में 1200 युवाओं ने कराया निबंधन
इस दौरान जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद ने कहा कि एसआइआर के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर आम लोगों के बीच कई तरह की आशंकाएं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा जरूरी है और चुनाव आयोग को पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए।
वहीं मौके पर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि एसआइआर प्रक्रिया के कारण यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटता है, तो वह अपने मताधिकार से वंचित हो सकता है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया के बिना नहीं काटा जाए। उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक तरीके से जनता के अधिकार और मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठाता रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआइआर के विरोध में नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग उठाई। मौके पर पार्टी नेताओं ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय सदस्य भोलानाथ लाल, बीरेन कंडुलना, मकसूद अंसारी, सुशांति कोनगाड़ी, अमृत हेमरोम, अमरनाथ मुंडा, प्रदीप केशरी, देवनाथ मघैया, गुलशन सिंह मुंडा, सनिका बोदरा, मनोज मंडल, मोजिर अंसारी, शिशिर तोपनो, बिमला डोडराय सहित अन्य उपस्थित थे।


