भागलपुर। आगामी दुर्गापूजा त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हुड़दंगियों से निपटने के लिए इस बार पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। समीक्षा बैठक के बाद जारी आदेश में साफ किया गया है कि त्योहार के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने पूजा के दौरान ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जिले भर में डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। पूजा समितियों को केवल निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर पारंपरिक लाउडस्पीकर का उपयोग करने की अनुमति होगी।
एसएसपी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि किसी भी इलाके में डीजे बजता पाया गया, तो डीजे संचालक के साथ-साथ संबंधित पूजा समिति के पदाधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और उपकरण जब्त कर लिए जाएंगे। आदेश के मुताबिक, मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक किसी भी प्रकार के धार्मिक जुलूस या शोभायात्रा के लिए प्रशासन से पूर्व लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति या बिना लाइसेंस के जुलूस निकालने वालों पर सीधे कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। इसके अलावा, विसर्जन के लिए भी रूट चार्ट पहले से निर्धारित कर दिया गया है, जिसका पालन करना हर समिति के लिए अनिवार्य होगा।
त्योहारों के नाम पर आम लोगों या व्यापारियों से जबरन चंदा वसूली करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या समूह किसी से जबरदस्ती चंदा मांगता है या डराता-धमकाता है, तो पीड़ित की शिकायत पर बिना किसी देरी के सीधे प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।
पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में असामाजिक तत्वों, मनचलों और पाकेटमारों पर नजर रखने के लिए सादे लिबास में महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों पर साइबर सेल 24 घंटे पैनी नजर रखेगी। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।


